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mahabharat 12.334.1: युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! जो कोई गृहस्थ, ब्रह्मचारी, वानप्रस्थ या संन्यासी सिद्धि प्राप्त करना चाहता हो, उसे किस देवता की पूजा करनी चाहिए?॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 334: बदरिकाश्रममें नारदजीके पूछनेपर भगवान् नारायणका परमदेव परमात्माको ही सर्वश्रेष्ठ पूजनीय बताना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.334.1 
युधिष्ठिर उवाच
गृहस्थो ब्रह्मचारी वा वानप्रस्थोऽथ भिक्षुक:।
य इच्छेत् सिद्धिमास्थातुं देवतां कां यजेत स:॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! जो कोई गृहस्थ, ब्रह्मचारी, वानप्रस्थ या संन्यासी सिद्धि प्राप्त करना चाहता हो, उसे किस देवता की पूजा करनी चाहिए?॥1॥
 
Yudhishthir asked – Grandfather! Whoever, a householder, a celibate, a Vanaprastha or a sannyasi, wants to attain Siddhi, which deity should he worship? 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)