Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.333.25-26h: तब से, जब भी पहाड़ की चोटियों पर या गुफाओं के आसपास कोई पुकार की जाती है, तो वहां रहने वाले जीवित और निर्जीव प्राणी प्रतिध्वनि के रूप में प्रतिक्रिया देते हैं, जैसे उन्होंने शुकदेवजी के लिए किया था। | mahabharat अध्याय 12.333: शुकदेवजीकी परमपद-प्राप्ति तथा पुत्र-शोकसे व्याकुल व्यासजीको महादेवजीका आश्वासन देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब से, जब भी पहाड़ की चोटियों पर या गुफाओं के आसपास कोई पुकार की जाती है, तो वहां रहने वाले जीवित और निर्जीव प्राणी प्रतिध्वनि के रूप में प्रतिक्रिया देते हैं, जैसे उन्होंने शुकदेवजी के लिए किया था।
Since then, whenever a call is made on the mountain tops or around caves, the living and non-living creatures living there respond in the form of an echo, just as they had done for Shukdevji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥