Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.333.12-13h: यह देखकर उस पर्वत पर रहने वाले सभी देवता, गंधर्व, ऋषि-मुनि और अन्य लोग हर्ष से चिल्ला उठे। उनकी हर्षध्वनि आकाश में चारों ओर गूँज उठी। | mahabharat अध्याय 12.333: शुकदेवजीकी परमपद-प्राप्ति तथा पुत्र-शोकसे व्याकुल व्यासजीको महादेवजीका आश्वासन देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो महानभूच्छब्दो दिवि सर्वदिवौकसाम्॥ १२॥
गन्धर्वाणामृषीणां च ये च शैलनिवासिन:।
अनुवाद
यह देखकर उस पर्वत पर रहने वाले सभी देवता, गंधर्व, ऋषि-मुनि और अन्य लोग हर्ष से चिल्ला उठे। उनकी हर्षध्वनि आकाश में चारों ओर गूँज उठी।
Seeing this, all the gods, Gandharvas, sages and other people living on that mountain shouted loudly for joy. Their sound of joy echoed all around the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥