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श्लोक 12.331.60  |
लोकेषु सर्वभूतानि प्रवेक्ष्यामि न संशय:।
पश्यन्तु योगवीर्यं मे सर्वे देवा: सहर्षिभि:॥ ६०॥ |
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| अनुवाद |
| आज मैं निःसंदेह संसार के समस्त भूतों में प्रवेश करूँगा। समस्त देवता और ऋषिगण मेरे योगबल का प्रभाव देखें ॥60॥ |
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| Today I will undoubtedly enter all the ghosts of the world. All the gods and sages should see the effect of my yoga power. 60॥ |
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