श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 331: नारदजीका शुकदेवको कर्मफल-प्राप्तिमें परतन्त्रताविषयक उपदेश तथा शुकदेवजीका सूर्यलोकमें जानेका निश्चय  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  12.331.60 
लोकेषु सर्वभूतानि प्रवेक्ष्यामि न संशय:।
पश्यन्तु योगवीर्यं मे सर्वे देवा: सहर्षिभि:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
आज मैं निःसंदेह संसार के समस्त भूतों में प्रवेश करूँगा। समस्त देवता और ऋषिगण मेरे योगबल का प्रभाव देखें ॥60॥
 
Today I will undoubtedly enter all the ghosts of the world. All the gods and sages should see the effect of my yoga power. 60॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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