Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.330.10: जो मनुष्य अपने बच्चों की मृत्यु देखकर भी आँसू नहीं बहाते, वे ही धैर्यवान हैं। सब बातों को तर्कपूर्वक देखने और विचार करने के बाद, किसी को भी आँसू बहाना उचित नहीं लगता।॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.330: शुकदेवको नारदजीका सदाचार और अध्यात्मविषयक उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य अपने बच्चों की मृत्यु देखकर भी आँसू नहीं बहाते, वे ही धैर्यवान हैं। सब बातों को तर्कपूर्वक देखने और विचार करने के बाद, किसी को भी आँसू बहाना उचित नहीं लगता।॥10॥
Those people who do not shed tears even after seeing the death of their children are the ones who have patience. After looking at and thinking about all the things in a rational manner, it does not seem appropriate for anyone to shed tears.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥