Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.33.40: उसके सारे पाप धुल गए। उसने स्वर्ग को जीत लिया और सुखमय लोकों में पहुँचकर इन्द्र ने सम्पूर्ण दिशाओं को प्रकाशित कर दिया और मरुभूमिवासियों के साथ शोभा का भोग करने लगा ॥40॥ | mahabharat अध्याय 12.33: व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाते हुए कालकी प्रबलता बताकर देवासुरसंग्रामके उदाहरणसे धर्मद्रोहियोंके दमनका औचित्य सिद्ध करना और प्रायश्चित्त करनेकी आवश्यकता बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके सारे पाप धुल गए। उसने स्वर्ग को जीत लिया और सुखमय लोकों में पहुँचकर इन्द्र ने सम्पूर्ण दिशाओं को प्रकाशित कर दिया और मरुभूमिवासियों के साथ शोभा का भोग करने लगा ॥40॥
All his sins were washed away. He conquered the heaven and after reaching the pleasant worlds, Indra illuminated all the directions and started enjoying beauty along with the desert people. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥