Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.33.22: जिस प्रकार लोहार या बढ़ई द्वारा बनाई गई मशीन सदैव अपने संचालक के नियंत्रण में रहती है, उसी प्रकार यह सम्पूर्ण जगत् भी काल द्वारा बद्ध कर्म के प्रभाव में ही क्रियाशील है। | mahabharat अध्याय 12.33: व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाते हुए कालकी प्रबलता बताकर देवासुरसंग्रामके उदाहरणसे धर्मद्रोहियोंके दमनका औचित्य सिद्ध करना और प्रायश्चित्त करनेकी आवश्यकता बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार लोहार या बढ़ई द्वारा बनाई गई मशीन सदैव अपने संचालक के नियंत्रण में रहती है, उसी प्रकार यह सम्पूर्ण जगत् भी काल द्वारा बद्ध कर्म के प्रभाव में ही क्रियाशील है।
Just as a machine made by a blacksmith or a carpenter is always under the control of its operator, similarly this entire world is active only under the influence of action conditioned by time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥