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न त्वं हन्ता न भीमोऽयं नार्जुनो न यमावपि।
काल: पर्यायधर्मेण प्राणानादत्त देहिनाम्॥ १६॥
अनुवाद
न तो आप, न भीमसेन, न अर्जुन, न नकुल-सहदेव ही उन्हें मार सकते हैं। काल ने एक-एक करके आकर अपने नियमानुसार उन सब मनुष्यों के प्राण हर लिए हैं॥ 16॥
Neither you, nor Bhimasena, nor Arjuna, nor Nakul-Sahadeva can kill them. Kaal has come one by one and taken the lives of all those mortals according to his rule.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥