Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.329.26: इन प्रत्येक योनियों में जीवों को वृद्धावस्था, मृत्यु और नाना प्रकार के दुःख भोगने पड़ते हैं। इस प्रकार इस संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक जीव दुःख की अग्नि में पकता है - इस बात पर तुम ध्यान क्यों नहीं देते?॥26॥ | mahabharat अध्याय 12.329: शुकदेवजीको नारदजीका वैराग्य और ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन प्रत्येक योनियों में जीवों को वृद्धावस्था, मृत्यु और नाना प्रकार के दुःख भोगने पड़ते हैं। इस प्रकार इस संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक जीव दुःख की अग्नि में पकता है - इस बात पर तुम ध्यान क्यों नहीं देते?॥26॥
In each of these species, the living beings have to suffer from old age, death and various kinds of miseries. In this way, every living being born in this world is cooked in the fire of misery - why don't you pay attention to this fact?॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥