Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.327.8-9: यहीं पर महात्मा श्री विष्णु (श्रीकृष्ण) ने पुत्र प्राप्ति के लिए तपस्या की थी। यहीं पर कुमार कार्तिकेय ने बाल्यकाल में देवताओं को दोषी ठहराया था, तीनों लोकों का अपमान किया था तथा अपनी शक्ति पृथ्वी में गाड़ दी थी। | mahabharat अध्याय 12.327: शुकदेवजीका पिताके पास लौट आना तथा व्यासजीका अपने शिष्योंको स्वाध्यायकी विधि बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यहीं पर महात्मा श्री विष्णु (श्रीकृष्ण) ने पुत्र प्राप्ति के लिए तपस्या की थी। यहीं पर कुमार कार्तिकेय ने बाल्यकाल में देवताओं को दोषी ठहराया था, तीनों लोकों का अपमान किया था तथा अपनी शक्ति पृथ्वी में गाड़ दी थी।
It was there that great soul Shri Vishnu (Shri Krishna) performed penance for a son. It was there that Kumar Kartikeya in his childhood had blamed the Gods and insulted the three worlds and buried his power in the earth. 8-9.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥