Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.326.22: जनक बोले - ब्रह्मन् ! जैसे ज्ञान और विज्ञान के बिना मोक्ष नहीं मिलता, वैसे ही सद्गुरु से सम्बन्ध जोड़े बिना ज्ञान भी नहीं मिलता ॥22॥ | mahabharat अध्याय 12.326: राजा जनकके द्वारा शुकदेवजीका पूजन तथा उनके प्रश्नका समाधान करते हुए ब्रह्मचर्याश्रममें परमात्माकी प्राप्ति होनेके बाद अन्य तीनों आश्रमोंकी अनावश्यकताका प्रतिपादन करना तथा मुक्त पुरुषके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनक उवाच
न विना ज्ञानविज्ञाने मोक्षस्याधिगमो भवेत्।
न विना गुरुसम्बन्धं ज्ञानस्याधिगम: स्मृत:॥ २२॥
अनुवाद
जनक बोले - ब्रह्मन् ! जैसे ज्ञान और विज्ञान के बिना मोक्ष नहीं मिलता, वैसे ही सद्गुरु से सम्बन्ध जोड़े बिना ज्ञान भी नहीं मिलता ॥22॥
Janak said – Brahman! Just as salvation cannot be attained without knowledge and science, similarly knowledge cannot be attained without having a relationship with a Sadguru. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥