Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.325.36-37h: उन्होंने जल आदि अर्पण करके उत्तम प्रकार से शुकदेवजी का पूजन किया और यथासमय उन्हें पूर्ण तृप्ति प्रदान करते हुए स्वादिष्ट भोजन कराया ॥36 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.325: पिताकी आज्ञासे शुकदेवजीका मिथिलामें जाना और वहाँ उनका द्वारपाल, मन्त्री और युवती स्त्रियोंके द्वारा सत्कृत होनेके उपरान्त ध्यानमें स्थित हो जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने जल आदि अर्पण करके उत्तम प्रकार से शुकदेवजी का पूजन किया और यथासमय उन्हें पूर्ण तृप्ति प्रदान करते हुए स्वादिष्ट भोजन कराया ॥36 1/2॥
He worshipped Shukadevji in the best possible way by offering water, water, etc. and fed him delicious food as per the appropriate time, to his full satisfaction. ॥ 36 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥