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mahabharat 12.325.15: चीन आदि अनेक देशों तथा हूण जाति से सेवित देशों का भ्रमण करके महामुनि शुकदेव इस आर्यावर्त देश में आये॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 12.325: पिताकी आज्ञासे शुकदेवजीका मिथिलामें जाना और वहाँ उनका द्वारपाल, मन्त्री और युवती स्त्रियोंके द्वारा सत्कृत होनेके उपरान्त ध्यानमें स्थित हो जाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 325: पिताकी आज्ञासे शुकदेवजीका मिथिलामें जाना और वहाँ उनका द्वारपाल, मन्त्री और युवती स्त्रियोंके द्वारा सत्कृत होनेके उपरान्त ध्यानमें स्थित हो जाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.325.15 
स देशान् विविधान् पश्यंश्चीनहूणनिषेवितान्।
आर्यावर्तमिमं देशमाजगाम महामुनि:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
चीन आदि अनेक देशों तथा हूण जाति से सेवित देशों का भ्रमण करके महामुनि शुकदेव इस आर्यावर्त देश में आये॥ 15॥
 
After visiting various countries including China and those served by the Hun tribe, the great sage Shukadev arrived at this country, Aryavarta.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)