Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.323.23: योग से युक्त अमित तेजस्वी व्यासजी की जटाएँ उनके तेज के कारण अग्नि की लपटों के समान दिख रही थीं॥23॥   |   mahabharat अध्याय 12.323: व्यासजीकी पुत्रप्राप्तिके लिये तपस्या और भगवान् शंकरसे वरप्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 323: व्यासजीकी पुत्रप्राप्तिके लिये तपस्या और भगवान् शंकरसे वरप्राप्ति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.323.23 
जटाश्च तेजसा तस्य वैश्वानरशिखोपमा:।
प्रज्वलन्त्य: स्म दृश्यन्ते युक्तस्यामिततेजस:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
योग से युक्त अमित तेजस्वी व्यासजी की जटाएँ उनके तेज के कारण अग्नि की लपटों के समान दिख रही थीं॥23॥
 
Amit Tejasvi Vyasji's locks, which were connected to Yoga, looked like flames of fire due to his brilliance. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)