Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.94: भीष्म कहते हैं - राजन! व्यासजी के इन हितकारी वचनों को सुनकर शुकदेवजी अपने पिता को छोड़कर मोक्षरूपी सत्य का उपदेश देने वाले अपने गुरु के पास चले गये। | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - राजन! व्यासजी के इन हितकारी वचनों को सुनकर शुकदेवजी अपने पिता को छोड़कर मोक्षरूपी सत्य का उपदेश देने वाले अपने गुरु के पास चले गये।
Bhishma says - King! After listening to these beneficial words of Vyasa, Shukdev left his father and went to his guru who preached the truth of salvation.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि पावकाध्ययनं नामैकविंशत्यधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३२१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें पावकाध्ययन नामक तीन सौ इक्कीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३२१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥