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श्लोक 12.321.86  |
अहमेको न मे कश्चिन्नाहमन्यस्य कस्यचित्।
न तं पश्यामि यस्याहं तन्न पश्यामि यो मम॥ ८६॥ |
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| अनुवाद |
| मैं अकेला हूँ। न मैं किसी और का हूँ, न मैं किसी और का हूँ। न मुझे कोई ऐसा दिखाई देता है जिसका मैं हूँ, और न मुझे कोई ऐसा दिखाई देता है जो मेरा है। 86. |
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| I am alone. Neither do I belong to anyone else nor do I belong to anyone else. I do not see anyone to whom I belong and I do not see anyone who belongs to me. 86. |
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