Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.62: हे मेरे पुत्र, मैं तुमसे यह बात हजार बार या उससे भी अधिक जोर देकर कह सकता हूँ कि सर्वशक्तिमान और पवित्र करने वाला धर्म सदैव उस पुण्यात्मा पुरुष को, जिसकी बुद्धि मोह से दूषित नहीं है, पुण्यलोक में ले जाता है। | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मेरे पुत्र, मैं तुमसे यह बात हजार बार या उससे भी अधिक जोर देकर कह सकता हूँ कि सर्वशक्तिमान और पवित्र करने वाला धर्म सदैव उस पुण्यात्मा पुरुष को, जिसकी बुद्धि मोह से दूषित नहीं है, पुण्यलोक में ले जाता है।
My child, I can tell you this with great force a thousand times or even more that the all-powerful and purifying Dharma has always taken the virtuous man, whose intellect is not tainted by delusion, to the virtuous world. 62.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥