Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.55: इस लोक में अग्नि, वायु और सूर्य- ये तीन देवता जीव के शरीर में निवास करते हैं। ये ही उसके धर्माचरण को देखते हैं और ये ही परलोक में साक्षी होते हैं। ॥55॥ | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इहाग्निसूर्यवायव: शरीरमाश्रितास्त्रय:।
त एव तस्य साक्षिणो भवन्ति धर्मदर्शिन:॥ ५५॥
अनुवाद
इस लोक में अग्नि, वायु और सूर्य- ये तीन देवता जीव के शरीर में निवास करते हैं। ये ही उसके धर्माचरण को देखते हैं और ये ही परलोक में साक्षी होते हैं। ॥55॥
In this world, Agni, Vayu and Surya-these three gods reside in the body of the living being. They are the ones who observe his religious conduct and they are the witnesses in the next world. ॥ 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥