Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.31: जो मनुष्य अत्यंत लोभी है, झूठ से प्रेम करता है, सदैव कपटपूर्वक बोलता है, छल-कपट में लिप्त रहता है और जो नाना प्रकार से दूसरों को दुःख पहुँचाता है, वह पापात्मा घोर नरक में गिरकर बहुत कष्ट उठाता है ॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य अत्यंत लोभी है, झूठ से प्रेम करता है, सदैव कपटपूर्वक बोलता है, छल-कपट में लिप्त रहता है और जो नाना प्रकार से दूसरों को दुःख पहुँचाता है, वह पापात्मा घोर नरक में गिरकर बहुत कष्ट उठाता है ॥31॥
The man who is very greedy, loves falsehood, always speaks deceitfully, is involved in cheating, and who causes pain to others by various means, that sinful soul falls into a terrible hell and suffers a lot. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥