Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.18: सारा संसार वृद्धावस्था से पीड़ित है, मृत्यु के थपेड़े खा रहा है। ये रात्रियाँ जीवों के प्राणों का अपहरण करके स्वयं को सफल बनाने में व्यतीत हो रही हैं। तुम धर्म रूपी नौका पर सवार होकर भवसागर से पार हो जाओ। | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सारा संसार वृद्धावस्था से पीड़ित है, मृत्यु के थपेड़े खा रहा है। ये रात्रियाँ जीवों के प्राणों का अपहरण करके स्वयं को सफल बनाने में व्यतीत हो रही हैं। तुम धर्म रूपी नौका पर सवार होकर भवसागर से पार हो जाओ।
The whole world is suffering from old age, being slapped by death. These nights are passing by kidnapping the life of the living beings and making themselves successful. You should cross the ocean of existence by boarding the boat of Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥