Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.11: जो लोग मन के मोह में डूबे रहते हैं और धर्म से द्वेष रखते हैं, वे सदैव गलत मार्ग पर चलते हैं। केवल उन्हें ही नहीं, उनके अनुयायियों को भी कष्ट भोगना पड़ता है॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग मन के मोह में डूबे रहते हैं और धर्म से द्वेष रखते हैं, वे सदैव गलत मार्ग पर चलते हैं। केवल उन्हें ही नहीं, उनके अनुयायियों को भी कष्ट भोगना पड़ता है॥11॥
Those people who are immersed in the delusions of their mind and hate religion, they always follow the wrong path. Not only them, their followers also have to suffer.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥