Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.321.10: परम नास्तिक लोग केवल इस संसार के स्वार्थ की खोज में लगे रहते हैं और अपने शरीर में रक्त और मांस की वृद्धि करने का प्रयत्न करते रहते हैं। वे आध्यात्मिक कार्यों के विषय में सदैव सोये रहते हैं॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.321: व्यासजीका अपने पुत्र शुकदेवको वैराग्य और धर्मपूर्ण उपदेश देते हुए सावधान करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परम नास्तिक लोग केवल इस संसार के स्वार्थ की खोज में लगे रहते हैं और अपने शरीर में रक्त और मांस की वृद्धि करने का प्रयत्न करते रहते हैं। वे आध्यात्मिक कार्यों के विषय में सदैव सोये रहते हैं॥10॥
Extremely atheistic people, seeking only the selfish interests of this world, keep on making efforts to increase the flesh and blood in their bodies. They always remain asleep when it comes to spiritual activities.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥