Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.74: इन्हीं शक्तियों के कारण वे शक्तिशाली बनते हैं। जो मनुष्य अपने अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्ति करना चाहता है, उसे इनके पास सरलता से जाना चाहिए, क्योंकि इनके प्रति कोई भी द्वेषपूर्ण भाव विनाश का कारण बन जाता है ॥ 74॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्हीं शक्तियों के कारण वे शक्तिशाली बनते हैं। जो मनुष्य अपने अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्ति करना चाहता है, उसे इनके पास सरलता से जाना चाहिए, क्योंकि इनके प्रति कोई भी द्वेषपूर्ण भाव विनाश का कारण बन जाता है ॥ 74॥
It is because of these powers that they become powerful. A person who wants to achieve his desired goal should approach them with simplicity because any malicious attitude towards them becomes the cause of destruction. ॥ 74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥