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mahabharat 12.320.73: राजाओं का बल धन है, वैदिक ब्राह्मणों का बल वेद हैं और स्त्रियों का परम बल सौन्दर्य, यौवन और सौभाग्य है। 73.   |   mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  12.320.73 
राज्ञां हि बलमैश्वर्यं ब्रह्म ब्रह्मविदां बलम्।
रूपयौवनसौभाग्यं स्त्रीणां बलमनुत्तमम्॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
राजाओं का बल धन है, वैदिक ब्राह्मणों का बल वेद हैं और स्त्रियों का परम बल सौन्दर्य, यौवन और सौभाग्य है। 73.
 
The strength of kings is wealth, the strength of Vedic Brahmins is the Vedas and the ultimate strength of women is beauty, youth and good fortune. 73.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)