Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.39: मोक्षशास्त्र को जानने वाले एक वर्ग के लोग कहते हैं कि ज्ञान-भक्ति ही मोक्ष का साधन है और दूसरे चतुर लोग कहते हैं कि कर्म-भक्ति ही मोक्ष का साधन है ॥39॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मोक्षशास्त्र को जानने वाले एक वर्ग के लोग कहते हैं कि ज्ञान-भक्ति ही मोक्ष का साधन है और दूसरे चतुर लोग कहते हैं कि कर्म-भक्ति ही मोक्ष का साधन है ॥39॥
One category of people having knowledge of Mokshashastra say that devotion to knowledge is the means of salvation and other astute people say that devotion to work is the only means of salvation. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥