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mahabharat 12.320.36: जो मेरी दाहिनी भुजा पर चंदन छिड़कता है और जो मेरी बाईं भुजा को बांसुरी से काटता है, वे दोनों ही व्यक्ति मेरे लिए समान हैं। 36.   |   mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.320.36 
यश्च मे दक्षिणं बाहुं चन्दनेन समुक्षयेत्।
सव्यं वास्यापि यस्तक्षेत् समावेतावुभौ मम॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जो मेरी दाहिनी भुजा पर चंदन छिड़कता है और जो मेरी बाईं भुजा को बांसुरी से काटता है, वे दोनों ही व्यक्ति मेरे लिए समान हैं। 36.
 
One who sprinkles sandalwood on my right arm and one who cuts my left arm with a flute, both these persons are the same for me. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)