Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.192: आपने मुझे बहुत सम्मान दिया है। आपने अपने वचनों के माध्यम से मेरा अच्छा स्वागत किया है। हे मिथिला नरेश! अब मैं आपके शरीर रूपी सुंदर भवन में सुखपूर्वक शयन करूँगा और कल प्रातःकाल यहाँ से प्रस्थान करूँगा। 192. | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपने मुझे बहुत सम्मान दिया है। आपने अपने वचनों के माध्यम से मेरा अच्छा स्वागत किया है। हे मिथिला नरेश! अब मैं आपके शरीर रूपी सुंदर भवन में सुखपूर्वक शयन करूँगा और कल प्रातःकाल यहाँ से प्रस्थान करूँगा। 192.
You have given me great respect. You have welcomed me well with your hospitality in the form of your words. O King of Mithila! Now I will happily sleep in the beautiful house of your body and leave from here tomorrow morning. 192.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥