Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.170: सभी जातियों में यह प्रसिद्ध नियम है कि तपस्वियों को एकान्त स्थानों में रहना चाहिए। मैंने आपके शून्य शरीर में निवास करके किसकी संपत्ति को अपवित्र किया है?॥170॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सभी जातियों में यह प्रसिद्ध नियम है कि तपस्वियों को एकान्त स्थानों में रहना चाहिए। मैंने आपके शून्य शरीर में निवास करके किसकी संपत्ति को अपवित्र किया है?॥170॥
It is a well-known rule in all castes that ascetics should live in solitary places. Whose possessions have I polluted by living in your empty body?॥170॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥