Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.161: यदि साधारण प्रजा न हो, तो राजा नहीं हो सकता। यदि राजा न हो, तो राज्य नहीं टिक सकता। यदि राज्य न हो, तो धर्म कैसे टिक सकता है और यदि धर्म न हो, तो ईश्वर की प्राप्ति कैसे हो सकती है?॥161॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि साधारण प्रजा न हो, तो राजा नहीं हो सकता। यदि राजा न हो, तो राज्य नहीं टिक सकता। यदि राज्य न हो, तो धर्म कैसे टिक सकता है और यदि धर्म न हो, तो ईश्वर की प्राप्ति कैसे हो सकती है?॥161॥
If there are no ordinary subjects, there cannot be a king. If there is no king, the kingdom cannot survive. If there is no kingdom, how can religion exist and if there is no religion, how can one attain God?॥ 161॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥