Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.16: सुलभा राजा से मोक्ष धर्म के विषय में कुछ पूछना चाहती थी। उसके मन में यह संदेह था कि राजा जनक जीवन्मुक्त हैं या नहीं। वह योगशक्ति से परिचित थी और अपनी सूक्ष्म बुद्धि से उसने राजा के मन में प्रवेश कर लिया॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुलभा राजा से मोक्ष धर्म के विषय में कुछ पूछना चाहती थी। उसके मन में यह संदेह था कि राजा जनक जीवन्मुक्त हैं या नहीं। वह योगशक्ति से परिचित थी और अपनी सूक्ष्म बुद्धि से उसने राजा के मन में प्रवेश कर लिया॥16॥
Sulabha wanted to ask the king something about the religion of salvation. She had a doubt in her mind whether King Janak was liberated in life or not. She was already aware of the powers of yoga and with her subtle intelligence she entered the mind of the king.॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥