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mahabharat 12.320.15: भोजन करने के बाद भिक्षुणी सुलभना ने राजा जनक से कुछ प्रश्न पूछने का निश्चय किया, जो विद्वान टीकाकारों के बीच मंत्रियों से घिरे बैठे थे।   |   mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.320.15 
अथ भुक्तवती प्रीता राजानं मन्त्रिभिर्वृतम्।
सर्वभाष्यविदां मध्ये चोदयामास भिक्षुकी॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भोजन करने के बाद भिक्षुणी सुलभना ने राजा जनक से कुछ प्रश्न पूछने का निश्चय किया, जो विद्वान टीकाकारों के बीच मंत्रियों से घिरे बैठे थे।
 
Having had her meal, the nun Sulabhana decided to ask some questions to King Janaka, who was sitting surrounded by ministers in the midst of learned commentators.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)