Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.146: यदि वह सबको धन दान करेगा तो उसका कोष खाली हो जाएगा और यदि वह किसी को कुछ नहीं देगा तो उसका सभी के साथ वैर-भाव बढ़ता जाएगा। प्रतिक्षण उसके सामने ऐसे दोष उपस्थित होते रहते हैं जो उसे राज्यकार्यों से विरक्त कर देते हैं ॥146॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि वह सबको धन दान करेगा तो उसका कोष खाली हो जाएगा और यदि वह किसी को कुछ नहीं देगा तो उसका सभी के साथ वैर-भाव बढ़ता जाएगा। प्रतिक्षण उसके सामने ऐसे दोष उपस्थित होते रहते हैं जो उसे राज्यकार्यों से विरक्त कर देते हैं ॥146॥
If he donates wealth to everyone, his treasury will become empty and if he does not give anything to anyone, then his enmity with everyone will increase. Every moment such faults appear before him which make him disinterested in the affairs of the state.॥ 146॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥