Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.14: तत्पश्चात् राजा ने उनका स्वागत करके उन्हें सुन्दर आसन दिया और उनके चरण धोकर तथा उनकी विधिपूर्वक पूजा करके उन्हें उत्तम भोजन देकर संतुष्ट किया॥14॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽस्या: स्वागतं कृत्वा व्यादिश्य च वरासनम्।
पूजितां पादशौचेन वरान्नेनाप्यतर्पयत्॥ १४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा ने उनका स्वागत करके उन्हें सुन्दर आसन दिया और उनके चरण धोकर तथा उनकी विधिपूर्वक पूजा करके उन्हें उत्तम भोजन देकर संतुष्ट किया॥14॥
Thereafter, after welcoming him, the king offered him a beautiful seat and after washing his feet and worshiping him properly, satisfied him by giving him the best food. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥