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mahabharat 12.320.136: वह एक प्रभुता सम्पन्न राजा जो एक ही हाथ से सम्पूर्ण पृथ्वी पर शासन करता है, वह भी एक ही नगर में निवास करता है। 136.   |   mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  12.320.136 
य इमां पृथिवीं कृत्स्नामेकच्छत्रां प्रशास्ति ह।
एक एव स वै राजा पुरमध्यावसत्युत॥ १३६॥
 
 
अनुवाद
वह एक प्रभुता सम्पन्न राजा जो एक ही हाथ से सम्पूर्ण पृथ्वी पर शासन करता है, वह भी एक ही नगर में निवास करता है। 136.
 
That one sovereign King who rules the entire earth in single hand also resides in just one city. 136.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)