Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.13: उसके अत्यंत सुकुमार शरीर और सुन्दरता को देखकर राजा जनक आश्चर्यचकित हो गए और सोचने लगे कि 'यह कौन है, किसकी पुत्री है अथवा कहाँ से आई है?'॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके अत्यंत सुकुमार शरीर और सुन्दरता को देखकर राजा जनक आश्चर्यचकित हो गए और सोचने लगे कि 'यह कौन है, किसकी पुत्री है अथवा कहाँ से आई है?'॥13॥
Seeing her extremely delicate body and beauty, King Janaka was astonished and began to wonder, 'Who is she, whose daughter is she or where has she come from?'॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥