Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.120: बालक के जन्म के समय उसके नख और नाखून तांबे के समान लाल होते हैं, किन्तु जब वह किशोर अवस्था को प्राप्त होता है, तो उसका पूर्व रूप लुप्त हो जाता है ॥120॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बालक के जन्म के समय उसके नख और नाखून तांबे के समान लाल होते हैं, किन्तु जब वह किशोर अवस्था को प्राप्त होता है, तो उसका पूर्व रूप लुप्त हो जाता है ॥120॥
At the time of a child's birth, his fingernails and nails are red like copper. However, when he attains the adolescent stage, his earlier form is no longer there. ॥120॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥