Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.320.119: हे मिथिला नरेश! गर्भ में नौ महीने पूरे होने पर जीवात्मा जन्म लेता है। उस समय उसे नाम और रूप प्राप्त होता है तथा एक विशेष प्रकार के चिह्न से उसकी पहचान नर या नारी के रूप में होती है ॥119॥ | mahabharat अध्याय 12.320: राजा जनककी परीक्षा करनेके लिये आयी हुई सुलभाका उनके शरीरमें प्रवेश करना, राजा जनकका उसपर दोषारोपण करना एवं सुलभाका युक्तियोंद्वारा निराकरण करते हुए राजा जनकको अज्ञानी बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मिथिला नरेश! गर्भ में नौ महीने पूरे होने पर जीवात्मा जन्म लेता है। उस समय उसे नाम और रूप प्राप्त होता है तथा एक विशेष प्रकार के चिह्न से उसकी पहचान नर या नारी के रूप में होती है ॥119॥
King of Mithila! After completion of nine months in the womb, the soul takes birth. At that time, it gets a name and form and it is recognized as male or female by a special type of mark. ॥119॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥