Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.32.25: भरतवंशी राजा! यदि तुम जीवित रहोगे तो उन कर्मों का प्रायश्चित करोगे और यदि बिना प्रायश्चित किए मरोगे तो परलोक में कष्ट भोगना पड़ेगा॥25॥ | mahabharat अध्याय 12.32: व्यासजीका अनेक युक्तियोंसे राजा युधिष्ठिरको समझाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतवंशी राजा! यदि तुम जीवित रहोगे तो उन कर्मों का प्रायश्चित करोगे और यदि बिना प्रायश्चित किए मरोगे तो परलोक में कष्ट भोगना पड़ेगा॥25॥
Bharatvanshi king! If you remain alive, you will atone for those deeds and if you die without atonement, you will have to suffer in the next world. 25॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि प्रायश्चित्तविधौ द्वात्रिंशोऽध्याय:॥ ३२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें प्रायश्चित्तविधिविषयक बत्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥