श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 319: जरा-मृत्युका उल्लंघन करनेके विषयमें पञ्चशिख और राजा जनकका संवाद  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.319.3 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
भिक्षो: पञ्चशिखस्येह संवादं जनकस्य च॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - युधिष्ठिर ! इस विषय में विद्वान पुरुष संन्यासी पंचशिख और राजा जनक के संवाद रूपी इस प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं ॥3॥
 
Bhishmaji said – Yudhishthir! In this regard, learned men give examples of this ancient history in the form of dialogue between Sanyasi Panchasikh and King Janak. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)