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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 319: जरा-मृत्युका उल्लंघन करनेके विषयमें पञ्चशिख और राजा जनकका संवाद
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श्लोक 1
श्लोक
12.319.1
युधिष्ठिर उवाच
ऐश्वर्यं वा महत् प्राप्य धनं वा भरतर्षभ।
दीर्घमायुरवाप्याथ कथं मृत्युमतिक्रमेत्॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, 'हे भरतश्रेष्ठ! महान ऐश्वर्य, प्रचुर धन या दीर्घायु प्राप्त करके मनुष्य मृत्यु को कैसे पार कर सकता है?'
Yudhishthira asked, 'O best of the Bharatas! How can a man transcend death after attaining great prosperity or abundant wealth or a long life?'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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