श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 316: योगका वर्णन और उसके साधनसे परब्रह्म परमात्माकी प्राप्ति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.316.8 
द्विगुणं योगकृत्यं तु योगानां प्राहुरुत्तमम्।
सगुणं निर्गुणं चैव यथा शास्त्रनिदर्शनम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
योग के मुख्य साधन दो प्रकार के कहे गए हैं - सगुण और निर्गुण (बीजरहित और बीजरहित)। ऐसा शास्त्रों का निर्णय है ॥8॥
 
The main means of Yoga are said to be of two types - Saguna and Nirguna (seedless and seedless). This is the decision of the scriptures. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)