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mahabharat 12.313.6: जैसा कि वेदों के विद्वानों ने समझाया है, नेत्र आध्यात्मिक तत्व है, रूप अलौकिक तत्व है और सूर्य सर्वोच्च देवता है।   |   mahabharat अध्याय 12.313: अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवतका वर्णन तथा सात्त्विक, राजस और तामस भावोंके लक्षण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.313.6 
चक्षुरध्यात्ममित्याहुर्यथा श्रुतिनिदर्शिन:।
रूपमत्राधिभूतं तु सूर्यश्चाप्यधिदैवतम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जैसा कि वेदों के विद्वानों ने समझाया है, नेत्र आध्यात्मिक तत्व है, रूप अलौकिक तत्व है और सूर्य सर्वोच्च देवता है।
 
As explained by the scholars of Vedas, the eye is the spiritual element, the form is the supernatural element and the Sun is the supreme deity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)