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mahabharat 12.313.10: दर्शनशास्त्र में निपुण लोग कहते हैं कि त्वचा आध्यात्मिक है, स्पर्श आध्यात्मिक है और वायु दिव्य है।   |   mahabharat अध्याय 12.313: अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवतका वर्णन तथा सात्त्विक, राजस और तामस भावोंके लक्षण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.313.10 
त्वगध्यात्ममिति प्राहुस्तत्त्वबुद्धिविशारदा:।
स्पर्शमेवाधिभूतं तु पवनश्चाधिदैवतम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
दर्शनशास्त्र में निपुण लोग कहते हैं कि त्वचा आध्यात्मिक है, स्पर्श आध्यात्मिक है और वायु दिव्य है।
 
Men skilled in philosophy say that skin is spiritual, touch is spiritual and air is divine.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)