Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.311.8: श्रेष्ठ! प्राचीन काल में स्थूल शरीर की उत्पत्ति से पूर्व महर्षि ब्रह्मा ने चार अन्य पुत्रों (जिनके नाम हैं - बुद्धि, अहंकार, मन और चित्त) की रचना की। वे चारों पुत्र 'पितरों के पितर' अर्थात् पंचमहाभूतों के पिता माने गए हैं। 8॥ | mahabharat अध्याय 12.311: अव्यक्त, महत्तत्त्व, अहंकार, मन और विषयोंकी कालसंख्याका एवं सृष्टिका वर्णन तथा इन्द्रियोंमें मनकी प्रधानताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रेष्ठ! प्राचीन काल में स्थूल शरीर की उत्पत्ति से पूर्व महर्षि ब्रह्मा ने चार अन्य पुत्रों (जिनके नाम हैं - बुद्धि, अहंकार, मन और चित्त) की रचना की। वे चारों पुत्र 'पितरों के पितर' अर्थात् पंचमहाभूतों के पिता माने गए हैं। 8॥
The best! In ancient times, before the birth of the physical body, the great sage Brahma created four other sons (whose names are – intellect, ego, mind and chitta). Those four sons are considered to be the 'pitras of ancestors' i.e. the fathers of the five great ghosts. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥