Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.311.2: नरेश्वर ! उनकी रात्रि भी उतनी ही बड़ी है। ज्ञानस्वरूप परमेश्वर ही सर्वप्रथम समस्त प्राणियों के पालन के लिए औषधियों (विभिन्न प्रकार के अन्न) का निर्माण करते हैं॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.311: अव्यक्त, महत्तत्त्व, अहंकार, मन और विषयोंकी कालसंख्याका एवं सृष्टिका वर्णन तथा इन्द्रियोंमें मनकी प्रधानताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर ! उनकी रात्रि भी उतनी ही बड़ी है। ज्ञानस्वरूप परमेश्वर ही सर्वप्रथम समस्त प्राणियों के पालन के लिए औषधियों (विभिन्न प्रकार के अन्न) का निर्माण करते हैं॥2॥
Nareshwar! His night is also equally big. Supreme God in the form of knowledge first creates medicines (various types of food) for the sustenance of all living beings. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥