Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.310.15: (ये सब मिलकर पंद्रह हैं) इनके साथ सोलहवाँ मन है। तुम तथा अन्य आध्यात्मिक मार्ग पर विचार करने वाले विद्वान् लोग इन्हें सोलह विकार कहते हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 12.310: याज्ञवल्क्यका राजा जनकको उपदेश—सांख्यमतके अनुसार चौबीस तत्त्वों और नौ प्रकारके सर्गोंका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मन: षोडशकं प्राहुरध्यात्मगतिचिन्तका:।
त्वं चैवान्ये च विद्वांसस्तत्त्वबुद्धिविशारदा:॥ १५॥
अनुवाद
(ये सब मिलकर पंद्रह हैं) इनके साथ सोलहवाँ मन है। तुम तथा अन्य आध्यात्मिक मार्ग पर विचार करने वाले विद्वान् लोग इन्हें सोलह विकार कहते हैं॥ 15॥
(All these together are fifteen) Along with them the sixteenth is the mind. You and other scholars who contemplate on the spiritual path call these the sixteen disorders.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥