Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.31.34: राजकुमार को मारने के बाद देवराज इन्द्र द्वारा भेजा गया वज्र के समान तेजस्वी बाघ माया के कारण वहीं लुप्त हो गया।   |   mahabharat अध्याय 12.31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  12.31.34 
हत्वा तु राजपुत्रं स तत्रैवान्तरधीयत।
शार्दूलो देवराजस्य माययान्तर्हितस्तदा॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
राजकुमार को मारने के बाद देवराज इन्द्र द्वारा भेजा गया वज्र के समान तेजस्वी बाघ माया के कारण वहीं लुप्त हो गया।
 
After killing the prince, the thunderbolt-like tiger sent by Devraj Indra disappeared there due to illusion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)