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mahabharat 12.31.23: तत्पश्चात् किसी समय राजा सृंजय को एक पुत्र हुआ जो अपने तेज से तेजस्वी था और अत्यंत शक्तिशाली था।   |   mahabharat अध्याय 12.31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 31: सुवर्णष्ठीवीके जन्म, मृत्यु और पुनर्जीवनका वृत्तान्त  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.31.23 
सृंजयस्याथ राजर्षे: कस्मिंश्चित् कालपर्यये।
जज्ञे पुत्रो महावीर्यस्तेजसा प्रज्वलन्निव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् किसी समय राजा सृंजय को एक पुत्र हुआ जो अपने तेज से तेजस्वी था और अत्यंत शक्तिशाली था।
 
Thereafter, at some time, King Srunjay had a son who was radiant with his brilliance. He was extremely powerful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)