Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.309.24: राजन! तपस्वियों, धर्मात्माओं और विद्वानों की सेवा करने से तुम्हें अपार बुद्धि प्राप्त होगी, जिससे तुम कल्याण में भाग ले सकोगे॥24॥ | mahabharat अध्याय 12.309: जनकवंशी वसुमान्को एक मुनिका धर्मविषयक उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपस्विनां धर्मवतां विदुषां चोपसेवनात्।
प्राप्स्यसे विपुलां बुद्धिं तथा श्रेयोऽभिपत्स्यसे॥ २४॥
अनुवाद
राजन! तपस्वियों, धर्मात्माओं और विद्वानों की सेवा करने से तुम्हें अपार बुद्धि प्राप्त होगी, जिससे तुम कल्याण में भाग ले सकोगे॥24॥
Rajan! By serving ascetics, religious souls and scholars, you will gain immense intelligence, through which you will be able to participate in welfare. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥