Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.308.40: हे मनुष्यों! जैसे आज आपने मुझसे सनातन ब्रह्म का ज्ञान प्राप्त किया है, वैसे ही मैंने भी हिरण्यगर्भ नाम से प्रसिद्ध सनातन, उग्रचित्त ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए बहुत प्रयत्न करके उनके मुख से इसे प्राप्त किया था॥40॥ | mahabharat अध्याय 12.308: क्षर-अक्षर और परमात्म-तत्त्वका वर्णन, जीवके नानात्व और एकत्वका दृष्टान्त, उपदेशके अधिकारी और अनधिकारी तथा इस ज्ञानकी परम्पराको बताते हुए वसिष्ठ-करालजनक-संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों! जैसे आज आपने मुझसे सनातन ब्रह्म का ज्ञान प्राप्त किया है, वैसे ही मैंने भी हिरण्यगर्भ नाम से प्रसिद्ध सनातन, उग्रचित्त ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए बहुत प्रयत्न करके उनके मुख से इसे प्राप्त किया था॥40॥
O lord of men! Just as you have today acquired the knowledge of the eternal Brahma from me, similarly I too had obtained this from the mouth of the eternal, fierce-minded Brahma, known by the name of Hiranyagarbha, after trying very hard to please him. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥